एनएचआरसी ने महिलाओं को देह व्यापार में धकेलने की रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया

नई दिल्ली : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), ने महिलाओं को आकर्षक/लाभप्रद नौकरी के अवसर प्रदान करने के बहाने असामाजिक तत्वों द्वारा उन्‍हें देह व्यापार में धकेलने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर इस मुद्दे से निपटने हेतु उठाए गए कदमों और प्रस्तावित कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 01 जुलाई, 2024 को आई मीडिया रिपोर्ट बताती है कि झारखंड के रांची के एक होटल में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार की गईं ज्यादातर महिलाएं मजबूरी और लाचारी के कारण देह व्यापार में उतरीं। उनमें से कई को उनके रिश्तेदारों ने इस जाल में धकेल दिया था और उनमें से कुछ को अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस घृणित व्यवसाय में कार्य करने के लिए मजबूर किया गया था,तथा एक बार उनकी चपेट में आने के बाद वे महिलाएं इन असामाजिक तत्वों के शातिर नेटवर्क से कभी भी बाहर नहीं निकल सकती।आयोग ने पाया है कि छापे के दौरान गिरफ्तार की गई महिलाओं के बयानों को उद्धृत करने वाली समाचार रिपोर्ट यदि सही है तो यह महिलाओं चाहे उनकी जाति,धर्म और भौगोलिक सीमाएं कुछ भी हो, उनके जीवन,स्वतंत्रता, समानता और गरिमा से संबंधित गंभीर चिंता पैदा करती है।उक्‍त समाचार रिपोर्ट से पता चलता है कि पीड़ित महिलाएं अलग-अलग स्थानों की मूल निवासी हैं,जिन्हें नौकरी के नाम पर फंसाया गया है और उनके संचालक कथित तौर पर दूर स्थानों से इस कार्य का संचालन करते हैं।यह देश भर में अपराध सिंडिकेट की मजबूत‍ पकड़ को दर्शाता है, जिसके लिए ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ अखिल भारतीय स्‍तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।नोटिस जारी करते हुए आयोग ने कहा है कि महिलाओं के संरक्षण,सुरक्षा और कल्याण के लिए देश में कई कानूनों और योजनाओं के बावजूद,असामाजिक और आपराधिक तत्व समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाने में कामयाब होते हैं।

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